लापरवाही का खामियाजा: स्कूल की जर्जर दीवार से घायल हुआ छात्र
हिसार: मिर्जापुर गांव के सरकारी मिडिल स्कूल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा घटित हो गया, जहां सातवीं कक्षा में अध्ययनरत 13 वर्षीय छात्र संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। स्कूल परिसर में दीवार से गिरने के कारण टूटी हुई टाइल से छात्र की गर्दन में गहरा कट लग गया। हादसे के तुरंत बाद लहूलुहान अवस्था में छात्र को स्थानीय नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू करते हुए छात्र की गर्दन पर करीब 12 टांके लगाए। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि समय पर इलाज मिलने से छात्र की हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर है।
स्कूल शौचालय के समीप पैर फिसलने से हुआ हादसा
घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए स्कूल के प्राचार्य राजकुमार ने बताया कि छात्र संदीप अपने एक सहपाठी के साथ परिसर में स्थित शौचालय गया था। उसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह नीचे गिर पड़ा। वहीं दूसरी ओर, साथ पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि संदीप शौचालय के पास बनी एक जर्जर दीवार पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। दीवार पर लगी टाइल पहले से ही टूटी हुई थी, जिससे गिरते ही वह तीखी टाइल उसकी गर्दन में जा धंसी।
गंभीर घाव के कारण अस्पताल में लगाने पड़े 12 टांके
हादसा इतना भीषण था कि टूटी टाइल लगने से छात्र की गर्दन पर अत्यधिक गहरा घाव बन गया, जिससे खून का रिसाव तेजी से होने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल स्टाफ ने बिना समय गंवाए उसे एम्बुलेंस की मदद से नागरिक अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन कक्ष में डॉक्टरों ने घाव को साफ कर तुरंत टांके लगाए। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार घाव काफी गहरा था, लेकिन समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिलने से स्थिति नियंत्रण में आ गई।
स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस अप्रत्याशित घटना के बाद स्कूल परिसर में बनी टूटी दीवारों और जर्जर संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। सहपाठियों द्वारा दिए गए विवरण से साफ है कि परिसर में टूटी टाइलें और अधूरी बनी दीवारें हादसों को न्योता दे रही हैं। अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन को ऐसी असुरक्षित जगहों की तुरंत मरम्मत करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसा हादसा न हो।
परिजनों को दी गई सूचना और स्थिति सामान्य
حادثے की जानकारी मिलते ही छात्र के परिजन भी बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों द्वारा बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताए जाने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल छात्र अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि स्कूल प्रशासन भी मामले की आंतरिक जांच कर आवश्यक सुधार के कदम उठाने की बात कह रहा है।

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