बेऊर जेल से बुना 'सिंगरौली लूट' का जाल: 400 किलो सोने का लुटेरा सुबोध सिंह निकला मास्टरमाइंड!
सिंगरौली।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सिंगरौली पुलिस ने बिहार के नालंदा जिले से दो और संदिग्धों, चंदन उर्फ छैया यादव (21) और गुलशन (19) को दबोचा है। लेकिन इस गिरफ्तारी से जो कहानी सामने आई है, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं।
जेल से रिमोट कंट्रोल पर गैंग
जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी डकैती का असली खिलाड़ी कोई बाहर नहीं, बल्कि पटना की बेऊर जेल में बंद कुख्यात सुबोध सिंह है। सुबोध पर देशभर में 400 किलो से ज्यादा सोना लूटने के आरोप हैं। जेल में होने के बावजूद उसका नेटवर्क इतना तगड़ा है कि वह वहीं से बैठे-बैठे तय करता है कि कब और किस शहर के बैंक को निशाना बनाना है।
कैसे काम करता है सुबोध का नेटवर्क?
पुलिस के मुताबिक, सुबोध का गैंग किसी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह काम करता है। गिरफ्तार किए गए चंदन और गुलशन इस गैंग के संपर्क सूत्र थे। इनका काम जेल में बंद सरगना और मैदान में काम कर रहे डकैतों के बीच तालमेल बिठाना था। डकैती के लिए गाड़ी, रहने का ठिकाना और लूटे हुए सोने को एक राज्य से दूसरे राज्य ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की थी। बड़ी बात ये है कि गैंग के सदस्य एक-दूसरे को नहीं जानते, जिससे अगर कोई एक पकड़ा भी जाए, तो पूरी कड़ी टूटना मुश्किल होता है।
मध्य प्रदेश से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब सुबोध सिंह ने एमपी को निशाना बनाया है। साल 2022 में कटनी में हुई गोल्ड लोन डकैती और 2025 में जबलपुर में हुई लूट के पीछे भी इसी गैंग या इससे अलग हुए गुटों का हाथ था। सुबोध के पास करीब 200 गुर्गों की फौज है, जो देशभर में फैली हुई है।

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