जब सड़क पर उतरकर हाथ देने लगे माननीय, जनता बोली— 'एक दिन के ड्रामे से नहीं, समाधान से बनेगी बात'
सागर।
शहर की सड़कों पर जब व्यवस्थाएं दम तोड़ने लगती हैं, तो कभी-कभी 'माननीयों' को भी पसीना बहाना पड़ता है। कुछ ऐसा ही नजारा सागर में देखने को मिला, जहाँ भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन अचानक ट्रैफिक पुलिस की भूमिका में नजर आए। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने विधायक जी जब बीच सड़क पर हाथ लहराकर गाड़ियां निकलवाने लगे, तो राहगीर भी ठिठक गए। जाम में फंसे तो याद आई व्यवस्था जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त इलाके में भीषण जाम लगा था, जिसमें विधायक शैलेंद्र जैन का काफिला भी फंस गया। काफी देर तक जब चक्का जाम रहा और कोई रास्ता नहीं मिला, तो विधायक जी ने अपनी गाड़ी का दरवाजा खोला और सीधे सड़क पर उतर आए। वे खुद ट्रैफिक कांस्टेबल की तरह मोर्चा संभालते हुए वाहन चालकों को हिदायत देने लगे— "अपनी लेन में चलिए, नियम मत तोड़िए।"
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विधायक के इस कदम की जहां उनके समर्थक सराहना कर रहे हैं, वहीं स्थानीय लोगों ने तीखे सवाल दाग दिए हैं। लोगों का कहना है कि जिस इलाके में विधायक ने 'श्रमदान' किया, वहां रोजाना यही हाल रहता है।
"विधायक साहब आज जाम में फंस गए तो सड़क पर उतर आए, लेकिन हम तो रोज इस नरक को झेलते हैं। साहब के एक दिन हाथ हिलाने से ट्रैफिक नहीं सुधरेगा, इसके लिए ठोस प्लानिंग और पक्की व्यवस्था चाहिए।"
— एक स्थानीय निवासी
क्या यह केवल 'फोटो ऑप' है?
शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि सागर की ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है और पुलिस बल नदारद रहता है। विधायक का सड़क पर उतरना एक अच्छा संदेश हो सकता है, लेकिन जनता इसे 'इवेंट' से ज्यादा कुछ नहीं मान रही। सवाल उठ रहा है कि क्या विधायक जी विधानसभा में या प्रशासनिक बैठकों में इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढेंगे, या फिर अगली बार जाम में फंसने का इंतजार करेंगे?

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