कटनी स्टेशन पर 'ऑपरेशन मासूम': बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 बच्चे रेस्क्यू, 8 तस्कर शिकंजे में!
कटनी।
मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 163 नाबालिग बच्चों (लड़कों) को बचाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि ये बच्चे बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे। 11-12 अप्रैल 2026 की रात को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने मिलकर यह कार्रवाई की। यह पूरा अभियान बाल कल्याण समिति (CWC) से मिली सूचना के आधार पर चलाया गया जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग बच्चों को ट्रेन के जरिए बाहर ले जा रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया कि इन बच्चों की उम्र करीब 6 से 14 साल के बीच है और इन्हें मजदूरी के लिए ले जाने की आशंका है। हालांकि पकड़े गए आठ लोगों का कहना है कि वे बच्चों को पढ़ाई के लिए महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक मदरसे में ले जा रहे थे। फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। ऐसे में यह मामला और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि आने वाले दिनों में बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘बाल श्रम निषेध दिवस’ (12 जून) मनाया जाता है। हर साल इस दिन बच्चों से काम कराने के खिलाफ सख्त संदेश दिया जाता है लेकिन कटनी की यह घटना सोचे तो जमीन पर अब भी हालात चिंताजनक हैं।
कटनी स्टेशन पर ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कटनी जो पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर डिवीजन का एक बड़ा जंक्शन है वहां पहले से ही आरपीएफ को बच्चों को ले जाए जाने की गुप्त जानकारी मिल गई थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही सुरक्षाकर्मी प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर तैयार खड़े थे। शक होने पर जब डिब्बों की जांच की गई तो बड़ी संख्या में बच्चे बिना किसी वैध कागज के मिले। इसके बाद 11 अप्रैल रात करीब 8:30 बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन 12 अप्रैल की सुबह तक चला और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि इनकी उम्र करीब 6 से 13 साल के बीच है।
तस्करी का शक, आरोपियों पर केस दर्ज
इस मामले में बिहार के अलग-अलग जिलों के आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4) के तहत केस दर्ज किया है जो नाबालिगों की तस्करी से जुड़ा गंभीर अपराध है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बच्चों को महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था जहां उनसे मजदूरी कराए जाने की आशंका है। हालांकि आरोपियों का कहना है कि वे बच्चों को पढ़ाई के लिए मदरसे ले जा रहे थे। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी है।
बच्चों की काउंसलिंग और परिवार से संपर्क
बचाए गए बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। बाल संरक्षण टीम उनकी काउंसलिंग कर रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कुछ बच्चों को कटनी में ही रखा गया है जबकि बाकी को जबलपुर की बाल संरक्षण इकाइयों में भेजा गया है जहां उनकी पहचान, उम्र और यात्रा की वजह की जांच की जा रही है।

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