सत्तन गुरु के चरणों में झुके सीएम मोहन: इंदौर के मंच पर 'डैमेज कंट्रोल' का मास्टरस्ट्रोक, पुरानी नाराजगी को किया 'पैर छूकर' दूर
इंदौर।
राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि 'बड़ों का मान और अपनों का सम्मान' ही सत्ता की असली चाबी होती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के मंच पर इसे साबित कर दिखाया। पिछले दौरे में हुई एक 'चूक' को सुधारते हुए सीएम ने न केवल भाजपा के कद्दावर और वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन के पैर छुए, बल्कि उन्हें अपने पास बैठाकर पुरानी सारी कड़वाहट को एक पल में खत्म कर दिया।
मंच पर 'डैमेज कंट्रोल' की झलकी
दरअसल, मुख्यमंत्री का यह अंदाज महज शिष्टाचार नहीं बल्कि एक बड़ा 'डैमेज कंट्रोल' माना जा रहा है। पिछले इंदौर दौरे के दौरान मंच पर जगह न मिलने से 'सत्तन गुरु' नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए थे। उस वक्त इस घटना ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं और संगठन के भीतर भी खलबली मच गई थी। लेकिन इस बार, डॉ. मोहन यादव ने कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने एक नहीं, बल्कि दो बार सत्तन गुरु के पैर छुए और पूरे समय उन्हें अपने बगल में बैठाकर सम्मान दिया।
"सत्तन गुरु आते हैं, तो जीत पक्की होती है"
मंच से संबोधित करते हुए सीएम ने एक पुराने राज से भी पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि "मैं आज एक रहस्य की बात बताता हूँ। मैं चाहे विधायक का चुनाव लड़ूँ या कोई और, मेरे कार्यालय के उद्घाटन में कोई आए न आए, सत्तन गुरु जरूर आते हैं। उनका आशीर्वाद ही मेरी जीत की गारंटी है।"
सियासी गलियारों में संदेश
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारों का मानना है कि सीएम ने इसके जरिए दो बड़े संदेश दिए हैं। बुजुर्गों का सम्मान: पार्टी के भीतर यह संदेश गया कि सत्ता के शिखर पर होने के बावजूद वरिष्ठों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्तन गुरु जैसे कद्दावर नेता को मनाकर सीएम ने इंदौर भाजपा के भीतर चल रही खींचतान को शांत करने की कोशिश की है।

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