चुनावी हिंसा तेज, BJP उम्मीदवार के घर के बाहर गोलीबारी; CISF जवान जख्मी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले उत्तर 24 परगना का भाटपारा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है। रविवार की देर रात भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह के आवास के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग में उनकी सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ (CISF) का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान की पहचान योगेश शर्मा के रूप में हुई है, जिसके पैर में गोली लगी है। इस घटना ने चुनाव आयोग के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दो लाख केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद शांतिपूर्ण चुनाव की बात कही गई थी।
जगद्दल थाने के बाहर पथराव और हाथापाई
हिंसा की शुरुआत रविवार शाम को हुई, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता पर झंडे लगाने के दौरान हमले का आरोप लगा। इसके विरोध में टीएमसी नेता जब जगद्दल थाने शिकायत दर्ज कराने पहुँचे, तो वहां भाजपा और टीएमसी के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि थाने के बाहर ही दोनों पक्षों में जमकर पथराव और हाथापाई शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद पवन सिंह के घर के पास बमबाजी और फायरिंग की घटना ने माहौल को और बिगाड़ दिया।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर और चुनाव आयोग की सक्रियता
इस घटना के बाद राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने सीधा आरोप लगाया है कि टीएमसी समर्थित गुंडों ने जानबूझकर फायरिंग की, जिसमें सीआईएसएफ जवान घायल हुआ। वहीं, टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भाजपा खुद हिंसा फैलाकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं पर पहले हमला हुआ और थाने जैसी सुरक्षित जगह पर भी उन्हें निशाना बनाया गया। चुनाव आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
भारी सुरक्षा बल तैनात, दूसरे चरण पर सबकी नजर
कल होने वाले दूसरे चरण के मतदान को देखते हुए पूरे भाटपारा और जगद्दल इलाके को छावनी में बदल दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि मतदाता बिना किसी डर के वोट डाल सकें। पवन सिंह, जो भाजपा के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह के पुत्र हैं, उनके आवास के बाहर हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है। पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है।

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