धार। 
मध्य प्रदेश के धार जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है। पिछले 17 दिनों के भीतर पुलिस पर हमले की यह दूसरी बड़ी घटना है। ताजा मामला धामनौद थाना क्षेत्र के सिरसोदिया गांव का है, जहां एक भाजपा विधायक की जमीन से अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस हमले में धामनौद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। घटना के पीछे का मुख्य कारण धर्मपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर की निजी जमीन का विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, विधायक की जमीन पर कुछ ग्रामीणों का कब्जा था, जिसे खाली कराने के लिए तहसीलदार और पुलिस की एक टीम गांव पहुंची थी। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस बल पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हमले में तहसीलदार की गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। इससे पहले 18 फरवरी को भी धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में एक सीमेंट फैक्ट्री के सर्वे के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उस वक्त करीब 9 थानों की पुलिस को ग्रामीणों ने खदेड़-खदेड़ कर पीटा था। आदिवासियों का आरोप था कि ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना प्रशासन जबरन फैक्ट्री के लिए काम कर रहा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने धार पुलिस प्रशासन और जिला अधीक्षक (SP) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप लग रहे हैं कि पुलिस का इस्तेमाल जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय राजनीतिक रसूखदारों के निजी हितों के लिए किया जा रहा है, जिससे आम जनता का आक्रोश सीधे पुलिस पर निकल रहा है। वर्तमान में गांव में तनाव की स्थिति है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।