जालंधर: पंजाब के जालंधर शहर में बीएसएफ चौक के निकट हुए हालिया एक्टिवा विस्फोट के बाद अब शिक्षण संस्थानों को मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को चौकन्ना कर दिया है। शहर के प्रतिष्ठित एपीजे स्कूल सहित करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल व्याप्त हो गया है। सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षा के लिहाज से छात्रों की छुट्टी कर दी और उन्हें सुरक्षित घर रवाना कर दिया। इस घटना के बाद से पुलिस प्रशासन की विभिन्न इकाइयां और बम निरोधक दस्ते स्कूल परिसरों की सघन तलाशी ले रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।

स्कूलों में दहशत और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई

धमकी भरे संदेश की जानकारी मिलते ही स्कूल परिसरों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि शहर के पांच से छह स्कूलों को इसी प्रकार के धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित पहलू से मामले की तहकीकात कर रही हैं। यद्यपि अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।

साइबर सेल की जांच और सुरक्षा तंत्र की सतर्कता

पुलिस की साइबर क्राइम शाखा अब उन ईमेल के तकनीकी स्रोतों का पता लगाने में जुटी हुई है जिनके माध्यम से यह दहशत फैलाने की कोशिश की गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के आईपी एड्रेस और भेजने वाले के मूल स्थान को ट्रैक करने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही हैं ताकि इन फर्जी या वास्तविक धमकियों के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके। शहर में पहले से ही हालिया ब्लास्ट के कारण हाई अलर्ट की स्थिति है, ऐसे में स्कूलों को निशाना बनाकर दी गई इन धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

अभिभावकों की चिंता और बच्चों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव

स्कूलों द्वारा अचानक की गई छुट्टी और बम की धमकी की खबरों ने बच्चों और उनके माता-पिता के बीच मानसिक तनाव पैदा कर दिया है। छात्रों ने बताया कि उन्हें स्कूल में आपातकालीन संदेश दिखाकर तुरंत परिसर खाली करने को कहा गया, जिससे वे काफी घबरा गए थे। इस घटना ने शहर के शैक्षणिक वातावरण को अस्थाई रूप से प्रभावित किया है और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों की सुरक्षा के लिए स्थायी और कड़े कदम उठाए जाएं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस ने जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सतर्क रहने की अपील की है।