भोपाल। 
मध्य प्रदेश में किसानों की दुर्दशा और गेहूं खरीदी में कथित लापरवाही को लेकर कांग्रेस अब पूरी तरह आक्रामक मोड में आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए यह बड़ी घोषणा की है कि आगामी 7 मई को किसानों के हक के लिए बड़वानी से लेकर मुरैना तक पड़ने वाले सभी जिलों में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया जाएगा। पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भाजपा सरकार ने 'मोदी गारंटी' के नाम पर किसानों को छला है और अब किसान इस अन्याय पर चुप नहीं बैठेगा।
किसान स्लॉट बुकिंग के लिए हो रहे परेशान
पटवारी ने खरीदी व्यवस्था में भारी प्रशासनिक अराजकता का आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें बार-बार बढ़ाकर प्रशासन ने किसानों को परेशान किया। स्लॉट बुकिंग में छोटे और बड़े किसानों के साथ किए गए भेदभाव के कारण लगभग 50 प्रतिशत किसानों को मजबूरी में अपना गेहूं मात्र 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर निजी मंडियों में बेचना पड़ा। पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पुरजोर मांग की है कि जिन किसानों ने कम दाम पर फसल बेची है, उन्हें तत्काल भावांतर योजना के तहत अंतर की राशि का भुगतान किया जाए। पुराना नेशनल हाईवे नंबर 3 यानी आगरा-बॉम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, ब्यावरा (राजगढ़), सारंगपुर, देवास, इंदौर, ठीकरी, और सेंधवा (बड़वानी) तक जाता है। कांग्रेस एमपी के हिस्से में इसी एनएच पर जाम करेगी।
सीएम किसान हेल्पलाइन की पोल खुली
जीतू पटवारी ने सरकार की वादाखिलाफी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान धान के लिए 3100 रुपए और गेहूं के लिए 2700 रुपए का वादा किया था, लेकिन यह वादा ढाई साल बाद भी अधूरा है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पड़ोसी राज्यों में भाजपा सरकारें 2700 रुपए से अधिक दे रही हैं। जबकि मध्य प्रदेश में किसानों को केवल 2625 रुपए देकर भाषणबाजी की जा रही है। उन्होंने खरीदी केंद्रों पर हो रही अनियमितताओं और सीएम हेल्पलाइन की विफलता का हवाला देते हुए प्रशासनिक अमले की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
हमें 45 डिग्री टेम्प्रेचर में सड़क पर उतरने का शौक नहीं
7 मई के आंदोलन को लेकर पटवारी ने कहा कि 45 डिग्री के भीषण तापमान में सड़क पर उतरना कोई शौक नहीं बल्कि किसानों की मजबूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि बड़वानी से मुरैना तक का यह हाईवे जाम केवल एक डेमो है और यदि सरकार ने अब भी किसानों की सुध नहीं ली, तो पूरे प्रदेश को जाम कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और वे इस दौरान प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।