वरिष्ठ भाजपा नेता और नागौद के पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह का निधन, राजनीतिक जगत में शोक
भोपाल।
मध्यप्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यादवेन्द्र सिंह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे, भोपाल के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शनिवार 14 मार्च को अस्पताल में इलाज के दौरान यादवेन्द्र सिंह ने अंतिम सांस ली। यादवेन्द्र सिंह के निधन की खबर जैसे ही कार्यकर्ताओं को लगी तो शोक की लहर दौड़ पड़ी यादवेन्द्र सिंह की पार्थिव देह रात्रि तक उनके गृहग्राम कचनार जिला सतना पहुंचेगी जहां रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सतना के नागौद से पूर्व विधायक थे यादवेन्द्र
यादवेन्द्र सिंह सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक थे। वे नागौद से साल 2013 में कांग्रेस की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने टिकट काटे जाने से नाराज होकर साल 2024 में लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा का दामन थाम लिया था। यादवेन्द्र सिंह की पहचान नागौद विधानसभा में एक सच्चे जननेता के तौर पर थी। यादवेन्द्र सिंह के निधन पर भाजपा नेताओं के साथ ही कांग्रेस नेता अजय सिंह ने भी दुख व्यक्त किया है।
यादवेन्द्र सिंह का राजनीतिक सफर
यादवेन्द्र सिंह का राजनीनिक सफर काफी कठिनाइयों भरा रहा। 5 जून 1953 को एक साधारण परिवार में जन्मे यादवेन्द्र सिंह के राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1978 में हुई जब वो वसुधा ग्राम पंचायत के सरपंच बने। इसके बाद 1991- 92 में विपणन सहकारी समिति नागौद के अध्यक्ष बने। 1993 में जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष एवं 1999 में कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 1998 में स्वतंत्र रूप से विधानसभा चुनाव चिन्ह बस के साथ लड़े। 2003 में कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी बनाया, 2008 और 2013 में भी कांग्रेस ने मौका दिया। 2013 में यादवेन्द्र सिंह विधानसभा का चुनाव जीतकर विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 2018 के निर्वाचन में मामूली मतों से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

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