मुल्ताई नगर पालिका में नीतू परमार का राज बरकरार: सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर को दिया झटका, याचिका सिरे से खारिज
बैतूल।
मुल्ताई नगर पालिका अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर चल रहे लंबे कानूनी संग्राम पर अब देश की सर्वोच्च अदालत ने पूर्णविराम लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर द्वारा दायर याचिका को प्रारंभिक सुनवाई में ही खारिज कर नीतू परमार के अध्यक्ष बनने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब नीतू परमार की ताजपोशी को लेकर छिड़ी तमाम अटकलें और कानूनी अड़चनें खत्म हो गई हैं।
विवाद की जड़ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का वह फैसला था, जिसमें करीब 90 दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद नीतू परमार को पुनः अध्यक्ष पद संभालने की अनुमति दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ वर्षा गढ़ेकर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन नीतू परमार की टीम ने पहले ही 'केविएट' दायर कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। कोर्ट में नीतू परमार का पक्ष अधिवक्ता जयवीर नागर और आकाश नागर ने मजबूती से रखा, जिसके चलते याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत तक नहीं मिल सकी।
सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी हो गया है। नीतू परमार ने तत्काल एक्शन लेते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी को आवेदन सौंपकर पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे से भी मिलकर जल्द चार्ज दिलाने की मांग की गई है। समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है, हालांकि उन्होंने प्रशासन पर आदेश के क्रियान्वयन में देरी करने का आरोप भी लगाया है। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि नीतू परमार आधिकारिक रूप से अपनी कुर्सी पर कब विराजमान होती हैं।

